ये मेरा पहला प्रयास है ।लिखने की बेचेनी जगी क्योकि माही की हत्या को नजर अंदाज करना नामुमकिन है ।मीडिया कहता है कि प्लाट के मालिक को पकड़कर सजा दो ।लेकिन मेरे भाई क्या दोषी सिर्फ मालिक और ठेकेदार ही है ?उस क्षेत्र का ऍम .अल .ए ,ऍम .सी .डी कमीश्नर ,पुलिस और सबसे बढकर हमारा यह सिस्टम _जहाँ इन्सान की कोई कीमत ही नहीं ।क्या हमारा कानून इन सबको सजा देगा ?
पूछती है माही की चीखे हमसे
क्या इंसाफ दिला सकोगे
या भूल जाओगे कल से ?
कब तक हम ध्रतराष्ट्र बने
आँखों पर पट्टी बांधे
देखेंगे खुद की आत्मा - .जमीर
का यूँ बारंम्बार गड्डे में गिरना
चीखना तड़पना छटपटाना
अखबार की सुर्ख़ियो में पढ़ना
सिस्टम को दो गालियाँ देना
और फिर चुप्पी साध लेना -----------
पूछती है माही की चीखे हमसे
क्या इंसाफ दिला सकोगे
या भूल जाओगे कल से ?
कब तक हम ध्रतराष्ट्र बने
आँखों पर पट्टी बांधे
देखेंगे खुद की आत्मा - .जमीर
का यूँ बारंम्बार गड्डे में गिरना
चीखना तड़पना छटपटाना
अखबार की सुर्ख़ियो में पढ़ना
सिस्टम को दो गालियाँ देना
और फिर चुप्पी साध लेना -----------
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें