अब आगे ----------
सोहराब मोदी की आवाज में कुछ ऐसा जादू था कि एक बार मिनर्वा थियटर में सोहराब खुद यह
देखने गए कि लोगो कैसे react करते हैं । वहां आगे की पहली सीट पर एक आदमी आँखें बंद करके
सो रहा था । सोहराब जी ने attendant को बुला कर कहा कि यह तो मेरा मज़ाक उड़ा रहा है , इसे
पैसे वापिस कर बाहर निकालो । पता चला कि वह आदमी तो अंधा था ,चार आने की ticket चार
रुपयों मेंblack में खरीद कर केवल सोहराब मोदी की आवाज सुनने आया था ।
पुकार फिल्म में यह तय करना मुश्किल था कि चंद्रमोहन पर सोहराब
भारी हैं कि सोहराब पर चंद्रमोहन ? K.L.Sahgal कलकता से आए थे , मेरे पास उनकी टक्कर का
कोई था नहीं । सुरेंदर ने कोशिश की । हु -ब -हु sahgal की नक़ल कर डाली । नूरजहाँ ,सुरेन्द्र और
मोतीलाल सुपर हिट हो गए ----आवाज दे कहाँ हैं , दुनिया मेरी जवाँ हैं -----------
नूरजहाँ और दिलीप कुमार के प्रेम प्रसंग मैगजीन के पन्नो को रंगीन करने
लगे ।
बाकी की किस्सागोई कल ------------