ये क्या कर रहे है कपिल जी ?पहले ही CCE SYSTEM लाकर इतनी बड़ी गलती कर बैठे है। हर बच्चा अपना result देख कर खुशी से झूम उठा है ।ये तो टीचर ही जानती है कि कैसे उसके F.A.में चार नंबर के आठ किये गए है ।चाहे उसने कोई F.A.का पेपर दिया हो या न दिया हो ,उसे नंबर मिलेंगे ही ।यही नियम बन गया है ।उछल लो बेटा जितना उछलना है ,बारवीं के बोर्ड मेंऐसी मुंह की खाओगे कि बस चारो खाने चित ।देख रहे हो न D.U.की Cut off.सरकारी स्कूल के बच्चे का Drop out ratioतो कम हो गया पर आगे क्या?कालेज लायक नंबर है नही --अब पढ़ -लिख कर मोचीगिरी ,बढ़ई गिरी ,या फिर मेहनत मजदूरी तो होगी नहीं ।फिर क्या करेगा इतना बड़ा युवावर्ग ?चोरी -डकैती -लूटपाट -या फिर किसी आतंकी गुट में शामिल होकर अपना भविष्य उज्ज्वल करेगा?
कपिल जी को इतने से ही चैन नहीं --अब पड़े हैं single testके पीछे ।कभी बच्चे का एक पेपर अच्छा नहीं होता पर दूसरा अच्छा हो जाता हैं ?फिर क्या सारे बोर्ड एक जैसे हैं ?मेरीमानिए कोई फैसला करने से पहले किसी parent और बच्चो की भी सलाह ले लें ।
शिक्षा ही हैं उन्नति का आधार ,यहीं है भारत का अभिमान भारत का बच्चा ज्ञान मैं है सर्वशक्तिमान इस अतुलनीय सम्पति का मत करो अपमान ।
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