शनिवार, 7 जुलाई 2012

नूर है वो ----------

मंदिर ले जाती दादी मुझको 
जब कभी-कभार 
God के सामने सर झुकाए 
हाथ जोड़ो प्रसाद  पाओ
कहतीं है ये बार-बार ।

पापा God को बड़ा बताते 
मम्मी God से मन्नत माँगती 
दादा God को फूल चढ़ाते ।
पर आज कुछ ऐसा सुना धमाकेदार 
पापा कहतें God मिल गया 
टी वी के चैनल कहते God ढूँढ लिया 
मैं नन्ही सी जान 
सोचती हूँ बैठ चुप चाप 
क्या सच में सारी दुनिया को 
God मिल गया?

कोई इसे Higgs Boson कहे 
कोई particle 
ये शायद God का अवतार है 
ये नए वाले God क्या 
pollution दूर कर देंगे ?
क्या ये नए वाले 
भ्रष्ट नेताओं को 
सबक सिखा सकेंगे ?
क्या ये नए वाले कसाब को 
फांसी दिला सकेंगे ?
क्या ये नए वाले सरबजीत को वापस ला सकेंगे ?
क्या ये नए वाले 
हमारी बाई के बेटे को भी 
school में दाखिला दिला सकेंगे ?
क्या ये नए वाले 
रुपये की कीमत बढ़ा सकेंगे ?
क्या ये नए वाले 
एक नई दुनिया बना सकेंगे ?
क्या ये नए वाले 
मेरे followers बढ़ा सकेंगे ?

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